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  1. Jitesh Kumar Biswas

    शिल्पकार को मैं मेरे बचपन से जानता हूं शिल्पकार की कलाकृतियां कुछ सोचने को विवश कर देती है उनकी सृजनात्मकता में उनकी जीवनी झलकती है उनकी सृजनात्मकता में उत्कृष्टता की वह छटा हैं जिसे परावर्तन की आवश्यकता नहीं, बल्कि उनकी सृजनात्मकता उतप्रेरण की अनुभूति देती है उनके भाव में गुरु शिष्य परम्परा अनुसरण अनुभूति होती है, उनकी अभिव्यक्ति मौन रूप में उत्सर्जित होती है उसको समझने के लिए जमीन पर बैठ कर आंखों की दृष्टि को क्षितिज में रखकर मन के कपाट को खोलकर ही अवलोकन किया जा सकता है तभी हम समझ सकते हैं।

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